Programming क्या है? और इसके प्रकार – पूरी जानकारी हिंदी में

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programming kya hai

नमस्कार दोस्तों! क्या आपको पता है Computer Programming क्या होता है? काफी सारे लोगों को कंप्यूटर के बारे में जानकारी होगी सभी लोग कंप्यूटर जाना जान जानते हैं कंप्यूटर का इस्तेमाल कैसे होता है यह सब जानते हैं लेकिन ऐसे बहुत कम लोग होंगे जिन्हें यह पता होगा कि कंप्यूटर Programming क्या है और इसके प्रकार कितने है।

अगर आपका भी यह सवाल है और आपकी सवाल का जवाब जुड़ने के लिए हमारे विषय पर आए हैं तो आज आप बिल्कुल सही जगह पर आए हो आज मैं आपको इस आर्टिकल में कंप्यूटर प्रोग्रामिंग के बारे में संपूर्ण जानकारी देने वाला हूं ताकि इसके बाद आपके मन में प्रोग्रामिंग से जुड़े कोई भी सवाल ना हो।

पुरानी एक ऐसा Procedure होता है जो कि कंप्यूटर को यह बताता है कि उसे कौन सा काम करना चाहिए और कौन सा काम नहीं करना चाहिए यदि अगर आप कंप्यूटर चलाना जानते हैं तो अवश्य आप कंप्यूटर में बहुत सारे Task को खोलते होंगे तो कभी आपने सोचा है कि यह सारा काम कैसे होता है। अभी काम को प्रोग्रामिंग कहते हैं।

लेकिन प्रोग्रामिंग को समझने के लिए सबसे पहले हमें Programming Language को समझना होगा क्योंकि जो सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है लैंग्वेज की मदद से ही सारे काम को पूरा किया जाता है इन लैंग्वेज का इस्तेमाल करके कंप्यूटर सारे काम को पूरा करता है इसलिए आज हम इस आर्टिकल में प्रोग्रामिंग के बारे में कितना उसने उसकी जानकारी प्राप्त करने की पूरी कोशिश करेंगे।

Computer Programming क्या है

कंप्यूटर प्रोग्रामिंग लैंग्वेज एक तरीके का लैंग्वेज होता है जिसके Command पर कंप्यूटर के सारे काम को पूरा किया जाता है यह एक ऐसा लैंग्वेज होता है जो कि Users को Allow करता है कि कंप्यूटर को Instructions देने के लिए एक ऐसे लैंग्वेज का इस्तेमाल किया जाता है जो कि कंप्यूटर अच्छे से समझता हो जैसे कि हम इंसान अलग-अलग भाषाओं का इस्तेमाल करते हैं ठीक उसी तरह Computer Language लैंग्वेज में भी कई सारे प्रकार की Language होते हैं जो कि कंप्यूटर के साथ-साथ Communicate करते हैं।

क्या आपको पता है लैंग्वेज के किस हिस्से को कंप्यूटर समझता है उसे “Binary” के नाम से जाना जाता है कंप्यूटर प्रोग्रामिंग लैंग्वेज को बरेली में जो भी Convert किया जाता है उसे “Compiling” कहते हैं और सभी Language में चाहे वह C Language हो चाहे वो Python हो सभी की अपनी अलग अलग Distinct फीचर्स होता है। दोस्तों वैसे तो इसके साथ इनमें से बहुत सारी Commonalities भी देखने को मिलती है।

यह सारे लैंग्वेज कंप्यूटर को ये Instructions गीता है कि वह जल्द से जल्द काफी अच्छे से बड़े से बड़े Process और Complex Information को काफी आसानी से Handle कर पाए। इसीलिए कंप्यूटर प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का इस्तेमाल किया जाता है ताकि उसकी मदद से सारे काम काफी आसानी से हो सके और कंप्यूटर में किसी भी तरीके से कोई परेशानी भी ना आए।

Programming Languages के Classification की जानकारी

दोस्तों प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के Classification को समझना बहुत ज्यादा जरूरी है क्योंकि इन्ही तरीकों से आप प्रोग्रामिंग को ज्यादा से ज्यादा समझ पाओगे इसलिए यह बहुत जरूरी है जानना की Basic Programming Language की Classification क्या है तो आमतौर पर इसे तीन हिस्सों में बांटा गया है जो कि कुछ इस प्रकार है।

Machine Languages क्या है?

सबसे पहला Classification है Machine Languages यह लैंग्वेज Computer Hardware के सबसे नजदीक में होता है। इसके हर Unique Computer में अलग-अलग की यूनिक मशीन लैंग्वेज को Fit किया जाता है। जिससे कि वह आसानी से उसे समझ पाए और उसके इशारों पर काम कर पाए।

और आमतौर पर यह मशीन लैंग्वेज प्रोग्राम Series of Binary Patterns से बनी होती है जो की Represent करती है Simple Operations को किसी की कंप्यूटर पर ही आसानी से समझ पाए और उसे Accomplish कर पाए इसे हम उदाहरण के तौर पर समझेंगे तो दो ऑपरेशन को एक में Add करना और Data को एक Memory Location में Shift करना।

Machine Languages एक तरह की Executable होता है जिसका मतलब यह है कि आप इसे डायरेक्ट चला सकते हैं अगर आपको मशीन लैंग्वेज में कोई भी Changes करने हैं या फिर उसके ऊपर कुछ लिखना है तो आप ऐसा कर सकते हैं लेकिन उसके लिए आपको एक Programmer की आवश्यकता पड़ेगी जिसे कि बहुत ही Binary Codes को Memorize करना पड़ेगा। लेकिन यह किसी एक इंसान की बस की बात नहीं है उसके लिए यह बहुत कठिन साबित हो सकता है।

Assembly Languages क्या है?

Assembly Languages को बनाने के तरीके सिर्फ एक ही मकसद था कि कैसे कंप्यूटर के प्रोग्रामिंग लैंग्वेज को आसान बनाया जाए क्योंकि इसे इस तरीके से लोग बनाना चाहते हैं ताकि कोई भी प्रोग्रामिंग का इस्तेमाल कर सके उसमें बदलाव कर सके इसलिए असेंबली लैंग्वेज को बनाया गया क्योंकि इसमें मशीन लैंग्वेज इंस्ट्रक्शंस को पूरी तरह से बदल दिया गया है और Simple Pneumonic Abbreviations जैसे कि ADD, MOV के इस्तेमाल से इसे काफी आसान बना दिया गया है।

इसलिए Assembly Language को काफी ज्यादा आसान लैंग्वेज कहा जाता है और इसमें भी आपको कई सारे Unique Code देखने को मिलता है जो कि Specific कंप्यूटर मशीन के लिए होता है। इसमें Execution के Oppsitise एक असेंबली लैंग्वेज प्रोग्राम में Translation की काफी ज्यादा आवश्यकता पड़ती है Machine Language में इसलिए इस ट्रांसलेशन को पूरा किया जाता है और उसे Assembler कहते हैं।

High Level Language क्या है?

अब बारी आती है High Level Language का इस लैंग्वेज में आपको काफी हाय लैंग्वेज देखने को मिलते हैं क्या सीखें C, C++, Java इत्यादि यह सभी इंग्लिश भाषा में लिखे जाते हैं इसलिए यह प्रोग्राम और उसके लिए काफी ज्यादा आसान हो जाता है प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के हिसाब से सोचने के लिए और हाई लेवल लैंग्वेज में भी आपको Translation की आवश्यकता पड़ती है।

इसमें Translation Accomplish किया जाता है जो कि एक Compiler या फिर Interpreter के द्वारा ही संभव हो पाता है। दोस्तों Compilers Translate करते है पूरे Source Code Program Execution के पहले जोकि C, C++, JAVA इत्यादि होता है और Interpreters Translate करते हैं Source Code Program को ऐसी लाइन में और एक ही समय में ऐसा देखा गया है कि Interpreters काफी जायदा Interactive होते है Compilers के तुलना में और जी कभी ज्यादा अच्छे भी होते हैं।

Programming Languages के प्रकार

अब मैं आपको बताता हूं कि प्रोग्रामिंग लैंग्वेज कितने प्रकार होते हैं आमतौर पर इसे दो प्रकार में बांटा गया है जो कि कुछ इस तरह है।

  1. Low Level
  2. High Level

Low Level क्या है?

Low Level आमतौर पर उसे कहते हैं जो कि सिर्फ मशीन ही समझ सकता है यह Minor, Easy और Fast Conversions हो सकता है क्योंकि कंप्यूटर इन भाषाओं को आमतौर पर 0 से लेकर 1 के बीच में समझता हैं। जैसा कि मैंने आपको ऊपर बताया कि असेंबली लैंग्वेज काफी आसान लैंग्वेज होता है उसे भी हम लोग Low Level बोल सकते हैं।

मुस्लिमों से बड़ी आसानी से मशीन लैंग्वेज में Convert किया जा सकता है वह भी सिर्फ Assembler की मदद से क्योंकि यह काम किसी इंसान के बस का नहीं है यह काम सिर्फ आपको प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के द्वारा ही करना पड़ता है क्योंकि काफी अच्छे से हो जाता है।

High Level क्या है?

High Level लैंग्वेज में ठीक उल्टा होता है मेरा मतलब यह है कि इस Level इंसानों के द्वारा समझा जाता है और इस लैंग्वेज में आपको इंग्लिश भाषा में लिखा जाता है और मशीन को इसे अपने भाषा में Convert करना होता है। जैसे कि C Languages एक तरीके का High Level लैंग्वेज माना जाता है और इसे Compiler की जरूरत होती है जाहिर सी बात है Conversions के लिए वैसे तो कंप्यूटर को कुछ Functions की आवश्यकता पड़ती है High Level लैंग्वेज को Low Level में बदलने के लिए जैसे कि कंपाइलर, इंटरप्रेटर इत्यादि।

Computer Programming की विशेषताएं

कंप्यूटर प्रोग्रामिंग लैंग्वेज में कई तरह की विशेषताएं देखी गई है और एक बेहतर प्रोग्रामिंग लैंग्वेज को बनाने के लिए उनमें कुछ विशेषताएं तो होनी चाहिए इसके बारे में मैं आपको आगे एक-एक करके बड़े ही आसान शब्दों में बताने की कोशिश करूंगा।

  • बढ़िया प्रोग्रामिंग लैंग्वेज सीखने में और इसका उपयोग करने में काफी ज्यादा आसान होना चाहिए साथ ही साथ इस में लिखे गए सारे Code को आसानी से पढ़ा भी जाया जा सके।
  • प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की Composition काफी अच्छी Structured और सही तरीके के Documented होना चाहिए ताकि जिससे कि किसी भी सॉफ्टवेयर को बनाने में काफी आसानी हो।
  • एक Potable Programming Language हर किसी को बहुत ज्यादा आसान और अच्छी लगती है।
  • जब भी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज को बनाया जाता है तो उसमें Simple Syntax और Semantics का इस्तेमाल तो होना ही चाहिए।
  • प्रोग्रामिंग लैंग्वेज को हमेशा Single Environment या फिर IDE Services को प्रदान हमेशा करना चाहिए।
  • प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के अंदर कुछ जरूरी Tools तो होनी चाहिए जैसे कि Debugging, Testing Tools इत्यादि।
  • प्रोग्रामिंग लैंग्वेज को हमेशा अच्छे से और तेजी से काम करना चाहिए ताकि उससे जल्दी Result मिल सके।

Programming Languages को कैसे सीखें?

अगर आपको प्रोग्रामिंग लैंग्वेज को सीखना है तो मेरे बताए गए कुछ Steps को आपको Follow करेंगे इसके बारे में मुझसे मैं आपको एक एक करके बताऊंगा।

Small Level से सीखें

आपको हमेशा छोटे स्तर से लैंग्वेज को सीखना होगा लैंग्वेज कोई भी हो सबसे पहले आपको उसके Basic Concept को कभी अच्छे से सीखना पड़ेगा तभी जाकर आप एक अच्छा प्रोग्रामर बन सकते हैं और इसके बाद आपको प्रोग्रामिंग पर काफी मजबूत पकड़ भी हो।

Area of Interest

दोस्तों किसी भी एक प्रोग्रामिंग लैंग्वेज को सीखने से पहले आपको यह अच्छे से समझना होगा कि आपको कौन से भाग में ज्यादा मजा आ रहा है मेरा मतलब यह है कि अगर आप प्रोग्रामिंग लैंग्वेज को सीखने में Enjoy कर रहे हैं तो आप आप इसमें अपना कैरियर भी बना सकते हैं।

Hello Program से करे शुरुआत

अगर आपको प्रोग्रामिंग सीखना है तो सबसे पहले आपको “Hello Program” से शुरुआत करना होगा क्योंकि इसमें आपको काफी छोटे स्तर से सिखाया जाएगा और आप इसमें काफी जल्दी भी सीख जाएंगे।

Online Programming सीख सकते हैं?

प्रोग्रामिंग लैंग्वेज सीखने के लिए आपके पास ऑनलाइन सीखने का भी एक रास्ता मिलता है जिसकी मदद से आप ऑनलाइन तरीकों से प्रोग्रामिंग लैंग्वेज कुछ सीख सकते हैं और उसे अपने कंप्यूटर में Run करके Practice भी कर सकते हैं।

FAQs

प्रोग्रामिंग लैंग्वेज क्या है?

प्रोग्रामिंग लैंग्वेज एक तरीके का कंप्यूटर का लैंग्वेज होता है जिससे की कंप्यूटर के सारे Task को पूरे किए जाते हैं। इसलिए उसको सीखना काफी सफर आसान होता है आप किसी से ऑनलाइन तरीके से भी सीख सकते हैं।

प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के कितने प्रकार हैं?

प्रोग्रामिंग लैंग्वेज दो प्रकार के होते हैं पहला Low Level लैंग्वेज और दूसरा High Level लैंग्वेज।

प्रोग्रामिंग लैंग्वेज कैसे सीखे?

प्रोग्रामिंग लैंग्वेज सीखने के लिए आप छोटे स्तर से शुरुआत कर सकते हैं इसके लिए आप Hello Program सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर सकते हैं।

Conclusion

Programming क्या है और इसके प्रकार कितने होते हैं इसके बारे में मैंने आपको किस आर्टिकल में सारी जानकारी दे दी है मुझे पूरी उम्मीद है कि आप को मैंने आर्टिकल से थोड़ी मदद मिली होगी मुझे आशा है कि आपको मेरा आर्टिकल पसंद आया होगा इस तरीके की जानकारी प्राप्त। करने के लिए आप हमारे वेबसाइट पर आ सकते हैं धन्यवाद!

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